भोपाल। वंदे भारत एक्सप्रेस जब से मध्यप्रदेश में शुरू हुई है, तब से किसी ना किसी हादसे या साजिश का शिकार हुई है। भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से हजरत निजामुद्दीन की ओर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के C-14 कोच में सोमवार सुबह आग लग गई। आग कोच के नीचे लगे बैटरी बॉक्स में लगी थी। आग की खबर से ट्रेन में बैठे यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। सूचना पर बीना नगर पालिका व रिफाइनरी की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और पानी डालकर आग को बुझाया। बीना से रेलवे ने दुर्घटना राहत यान भी मौके के लिए रवाना किया। इन घटनाओं से ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को असुविधा हुई।
जानते हैं आखिर कब- कब हादसे व साजिश का शिकार हुई वंदे भारत एक्सप्रेस
भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से हजरत निजामुद्दीन की ओर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के एक कोच की बैटरी में अचानक कुरवाई कैथोरा स्टेशन के पास आग लग गई। आग की खबर से ट्रेन में बैठे यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। सूचना पर बीना नगर पालिका व रिफाइनरी की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और पानी डालकर आग को बुझाया। बीना से रेलवे ने दुर्घटना राहत यान भी मौके के लिए रवाना किया।
वंदे भारत एक्सप्रेस का चेयर कार श्रेणी का किराया 1735 रुपये व एक्जीक्यूटिव श्रेणी में किराया 3185 रुपये है। इस तरह यह देश की महंगी ट्रेनों में शुमार की जाती है, इसलिए इस ट्रेन की सुरक्षा का जिम्मा भी ईमानदारी से निभाना चाहिए। 21 जून को ट्रेन पर हुई पत्थरबाजी के चलते दो कोच के कांच टूट गए, इससे महंगा किराया देकर सफर कर रहे यात्रियों को असुविधा हुई।
रानी कमलापति स्टेशन से हजरत निजामुद्दीन के बीच चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर मारे जा रहे हैं, जिससे पांच कोच के 30 कांच को नुकसान पहुंचा है। पत्थरबाजी की इस घटना से यात्री दहशत में आ गए। पत्थरबाजी की यह घटना ग्वालियर से हजरत निजामुद्दीन के बीच हुई। भोपाल रेल मंडल ने ट्रेन के इन कांचों को बदलवा दिया है।
27 अप्रैल को ग्वालियर के डबरा में अचानक रेलवे स्टेशन के पास वंदे भारत ट्रेन के इंजन का बोनट खुल गया। उसके बाद जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर बोनट को ठीक किया। ट्रेन करीब 15 से 20 मिनट तक रुकी रही और यात्रियों को असुविधा हुई।
नई दिल्ली से चलकर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की ओर जा रही वंदे भारत ट्रेन लगभग 20 मिनट करोंदा स्टेशन पर खड़ी रही। बताया जाता है कि ट्रेन के एक कोच के वाशरूम के पाइप क्षतिग्रस्त हो गए थे। ट्रेन ड्राइवर ने किसी जानवर के ट्रेन से टकराने की बात कही थी। ट्रेन करोंदा स्टेशन पर लगभग 20 मिनट तक खड़ी रही। उसके बाद कमलापति रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुई। इस दौरान यात्रियों को असुविधा हुई।
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