मध्यप्रदेश

वीआईटी भोपाल ने आयोजित किया “संस्कृति समागम” , मध्य प्रदेश ने देखा अपना पहला ड्रोन शो

भोपाल। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीकी नवाचार को एक साथ मंच पर लाने वाले एक ऐतिहासिक आयोजन में, वीआईटी भोपाल ने “संस्कृति समागम” का भव्य आयोजन किया। यह विशेष सांस्कृतिक संध्या, जो अपने आप में अनूठी थी, मध्य प्रदेश के पहले ड्रोन शो की साक्षी बनी। यह कार्यक्रम शनिवार, 11 अक्टूबर को आवृत्ति, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, श्यामला हिल्स, भोपाल में संपन्न हुआ।

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इस संध्या में भारत के प्रख्यात कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह, जस्सू खान, अनन्या चक्रवर्ती और वर्षिनी शंकर शामिल रहे। इन कलाकारों ने भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत की एक आत्मीय यात्रा प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा मध्य प्रदेश का पहला ड्रोन शो, जिसमें झील के किनारे आकाश में सैकड़ों ड्रोन ने अद्भुत प्रकाश एवं समन्वित हवाई गतिविधियों के माध्यम से दर्शकों को विस्मित कर दिया। रात्रि आकाश में माननीय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की छवियों के साथ-साथ राज्य की प्रमुख योजनाओं जैसे रोजगार, सुशासन और औद्योगिक विकास से जुड़ी झांकियों को प्रदर्शित किया गया।

ड्रोन शो के माध्यम से वीआईटी भोपाल की अग्रणी शैक्षणिक संस्था के रूप में भूमिका को भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के अंतर्गत एक भविष्य-उन्मुख और आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के निर्माण में इसके योगदान को उजागर किया गया। कला और तकनीक के इस अद्वितीय संगम ने उपस्थित जनसमूह को गौरवान्वित और अभिभूत कर दिया।

इस आयोजन का नेतृत्व वीआईटी समूह के संस्थापक और चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन ने किया। उनके साथ वाईस प्रेसीडेंट श्री शंकर विश्वनाथन, ट्रस्टी रमणी बालसुंदरम, नवविवाहित दंपति असिस्टेंट वाईस प्रेसीडेंट कादंबरी एस. विश्वनाथन और डॉ. ए. श्रवण कृष्ण भी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्य और देश भर से आए कई राजनैतिक, प्रशासनिक और शैक्षणिक क्षेत्रों के विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।

“संस्कृति समागम” मध्य प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसने पारंपरिक सांस्कृतिक सौंदर्य और आधुनिक तकनीकी उत्कृष्टता को एक अविस्मरणीय संध्या में समाहित कर दिया। वीआईटी भोपाल ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि वह भारत की जड़ों को संजोते हुए, उसके उज्वल भविष्य को अपनाने वाले अनुभवों की रचना में अग्रणी है।

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