बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल ने अनुपमा वंदना को हिंदी साहित्य में पीएचडी अवार्ड की है। उन्होंने अपना शोध कार्य डॉ.सुधीर शर्मा के निर्देशन में किया है। उनके शोध का विषय श्री देवीदत्त शुक्ल की सम्पादकीय दृष्टि का विवेचनात्मक अध्ययन सरस्वती के सन्दर्भ में रहा है। डॉ. अनुपमा ने बताया कि अंग्रेजी हुकूमत में तमाम बंदिशों के बीच हिंदी साहित्य के स्वर्णिम इतिहास की पटकथा लिखने वाली ‘सरस्वती पत्रिका’ का सम्पादन जनवरी 1900 में शुरू हुआ था। सरस्वती के संपादन में देवीदत्त शुक्ल जी का विशेष योगदान रहा। देवीदत्त सम्पादकों के संपादक थे और आलोचकों के आलोचक। हिंदी साहित्य की प्रत्येक विधा पर उनका सामान अधिकार था इसलिए उन्हें संपादक शिरोमणि भी कहा जाता है। आगे डॉ अनुपमा ने कहा मेरे शोध से लोगों को देवीदत्त शुक्ल जी के सरस्वती में सम्पादकीय दृष्टि को समझने में मदद मिलेगी, ऐसा विश्वास है।
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