Categories: विदेश

तुर्की में फिर 7.6 तीव्रता का भूकंप, अब तक 1300 से ज्यादा लोगों की मौत का आशंका

इस्तांबुल। तुर्की (Turkey) में एक बार फिर 7.6 तीव्रता का भूकंप के झटके एक बार फिर इस इलाके में महसूस किये गए। तुर्की के डिजास्टर मैनेजमेंट यूनिट का कहना है कि भूकंप का केंद्र कहारनमारश में था। बताया जा रहा है कि अब तक 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। बता दें कि सोमवार तड़के आए भीषण भूकंप (Earthquake) के बाद तुर्की और सीरिया में हर तरफ तबाही का मंजर दिख रहा है। भूकंप से कई शहर पूरी तरह तबाह हो गए हैं। तुर्की में भूकंप (Turkey-Syria Earthquake) से अब तक 300, तो सीरिया में 320 मौतों की पुष्टि हुई हो चुकी है। यहाँ बड़े पैमाने पर बचाव एवं राहत कार्य चल रहा है।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “तुर्की में भूकंप के कारण हुए जान-माल के नुकसान से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.” प्रधानमंत्री ने भूकंप पर तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के एक ट्वीट को टैग करते हुए कहा, “भारत तुर्की के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और इस त्रासदी से निपटने के लिए हरसंभव सहायता देने को तैयार है.”

प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा ने तत्काल राहत उपायों पर चर्चा करने के लिए साउथ ब्लॉक में बैठक की।  प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिकअब भूकंप की भारी तबाही झेल रहे तुर्की सीरिया की मदद के लिए भारत की तरफ से राहत – बचाव मिशन में मदद के लिए टीमें जाएंगी। NDRF की दो टीमें रेस्क्यू मिशन में 100 से ज्यादा जवानों के साथ शामिल होंगे।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को सीरिया और तुर्की में 7.8 तीव्रता के भूकंप के बाद मदद की पेशकश की है। जिसमें दोनों देशों में 640 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और हजारों घायल हुए हैं। सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के साथ रूस की करीबी है और वहां रूस की सेना की काफी ज्यादा मौजूदगी है। पुतिन के तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोवन के साथ भी मजबूत संबंध हैं।

दक्षिणी तुर्की में भीषण भूकंप से प्रभावित इलाकों तक पहुंचने के लिए तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने एयर फोर्स को खोज और बचाव दलों को जल्द से जल्द मौके पर पहुंचाने के लिए एक एक एयर कॉरिडोर बनाया है। तुर्की की एयरफोर्स ने अपने विमानों को मेडिकल दल, खोज और बचाव दलों और उनके वाहनों को भूकंप से तबाह इलाकों में भेजने के लिए जुटाया है।

Anand

Recent Posts

भारत सरकार ने सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का किया परीक्षण: घबराने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली: हाल ही में देशभर के कई स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को एक "बेहद गंभीर चेतावनी"…

2 months ago

भोपाल के मेधावी विद्यार्थियों से मिले मंत्री विश्वास सारंग उज्ज्वल भविष्य के लिए किया प्रेरित

भोपाल।  राजधानी भोपाल में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए रोज़…

2 months ago

गर्भावस्था केवल शारीरिक बदलाव नहीं, भावनाओं की भी एक नई यात्रा है: नोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में ‘गर्भ संस्कार’ सत्र आयोजित

भोपाल। शहर के नोबल मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा “गर्भ संस्कार : नोबल पहल” के अंतर्गत…

2 months ago

मिडिल ईस्ट संकट: क्या बंद हो जाएंगे Google, WhatsApp और Gmail? जानें भारत पर इसका असर

नई दिल्ली/दुबई: मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव अब केवल ज़मीनी जंग तक…

3 months ago

रूस ने क्यों लगाया 1 अप्रैल से गैसोलीन एक्सपोर्ट पर बैन?

रूस के उप-प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक के अनुसार, मध्य-पूर्व (Middle East) में जारी युद्ध की वजह…

3 months ago