स्वास्थ्य

होली के रंग कहीं आँखों को न करे तंग : डॉ विनीता रामनानी

होली रंगो और आपसी प्रेम एवं सद्दभावना का त्यौहार है जिसमें छोटी सी चूक आपकी खुशियों को भंग कर सकती हैं । त्वचा और बालों से ज्यादा आँखों का सबसे ज्यादा ध्यान रखना जरूरी होता  है, क्योंकि आंखें आँखें शरीर का अत्यधिक संवेदनशील अंग होती हैं एवं होली के रंगों से आँखों को होली के त्योहार में उपयोग किये जाने वाले रंगों से नुकसान हो सकता है  इसलिए होली खेलते समय आँखों का विशेष ध्यान रखें ।

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डॉ विनीता रामनानी, नेत्र रोग विशेषज्ञ, बंसल हॉस्पिटल ने  सभी को होली की बधाई देते हुए कहा – होली एवं रंगपंचमी मस्‍ती का त्‍योहार है और हम सारा साल इसका इंतजार करते हैं अतः इसे हर्षोउल्हास के साथ साथ सावधानी से मनाएं ।जरा सी चूक से  रंग में भंग पड़ते देर नहीं लगती ।किसी के ऊपर जबरदस्ती रंग न डालें । बच्चो, पेड़ पौधों एवं पशुओं को रंगों से बचाएं । सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल न करें एवं अपनी अनमोल आँखों का ख्याल रखें ।आँखों में या साधारण स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ़ होने पर समय रहते  चिकित्सक से संपर्क करें । डॉ रामनानी, ने होली के रंगों से आँखो को होने वाले नुकसान, तकलीफों और सावधानियों  के बारे में भी बताया।

होली के रंगों से आँखों को होने वाले नुकसान एवं कारण –
(1)  होली के रंगों से एलर्जी हो सकती है या कत्रिम रंगों के केमिकल से सीधे आँखों को नुकसान हो सकता है ।
(2)  कई बार रंगों के साथ माइका के कण आँखों में रगड़ दे सकते हैं जिससे काली पुतली याने कार्निया को नुकसान होता है ।
(3) रंगों से भरे गुब्बारे, पिचकारी, बंदूक या अन्य खिलौनों से सीधे आँखों को चोट लग सकती है ।

होली के रंगों से आँखों को होने वाली तकलीफें –

 

• आँखों में रंगों के केमिकल से जलन, चुभन, लालिमा एवं सूजन हो सकती है ।
• पुतली पर स्क्रेचेस आने से दर्द, पानी आना एवं आँखों को खोलने में तकलीफ़ हो सकती है ।
•पुतली पर घाव या निशान के साथ संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है जो आँखों की रोशनी को हमेशा के लिए नुकसान पंहुचा सकता है ।
• नज़र कम हो सकती है ।
• कई बार आँखों मे असहनीय पीड़ा हो सकती है ।
आँखों को होली के रंगों के नुकसान से बचाने के लिए किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिएं
•होली के रंगों से हमारी त्‍वचा, आँखों और सामान्य स्वास्थ्य को बहुत नुकसान हो सकता है ।
• ईको-फ्रेंडली गुलाल या हर्बल रंग या घर पर तैयार किये रंग या प्राकृतिक कुदरती रंगों का इस्तेमाल करें ।
• जितना हो सके हार्ड केमिकल एवं कत्रिम हानिकारक रंगों से बचें ।
• रंग लगाने वाले व्यक्तियों को प्यार से मना करें और अगर वो अतिउत्साह में रंग लगाने को उतारू हों तो अपनी आँखों को बंद कर हथेलियों से ढक लें और उन्हें सिर्फ चेहरे पर रंग लागने की हिदायत दें  ।
• इसी तरह हवा में उड़ता गुलाल या रंग आँखों में जाने से आँखें खराब हो सकती हैं  इसलिए आँखें बंद कर लें ।
• सिर पर टोपी  या कपड़ा पहन सकते हैं इससे भी रंग के आँखों में जाने की आशंका कम हो जाती है ।
• होली में सन ग्लासेज का इस्तेमाल करें जहाँ तक हो सके आँखों में लेंस न लगाएं क्यूंकि लेंस में चिपुड़ा रंग आँखों में इन्फेक्शन कर सकता है ।
• होली खेलने से पहले आँखों के चारों और नारियल तेल क्रीम या मॉइस्चराइज़र की एक परत लगा लें जिससे रंग निकालने में आसानी हो ।
• पानी के गुब्बारे सीधे चेहरे पर फेंकने ना दें यदि आप गाड़ी या कार चला रहे हैं तो उसके शीशे बंद रख यात्रा करें ।
• बार-बार आँखों पर हाथ न लगाएं ।
• होली के बाद नहाते या मुंह धोते समय आँखें बंद रखें ताकि रंग आँखों में न पहुंचे । ध्यान रखें कई बार बाल धोते हुए रंग आँखों में चला जाता है ।
अगर आँखों में आकस्मिक रंग चला जाये तो क्या करना चाहिए ?
• आँखों में रंग या गुलाल जाने पर इसे रगडें नहीं बल्कि पानी के छींटे मारकर आँखें धोएं आँखों को मसलने से समस्या और अधिक बढ़ सकती है ।
• गुलाब जल का उपयोग  करें और आराम न मिलने पर नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें ।
• रंग वाले हाथों से आँखों को न छुएँ न ही आँखों को रगड़ें ।  हाथ धोने के बाद ही आँखों  को छुएं ।
• आँखों में गए कणों को स्वयं निकालने की कोशिश न करें । चिकित्सा परामर्श तुरंत  से संपर्क करे ।
•  कोई घरेलू  इलाज़ न करें जैसे घी, शहद या किसी अन्य चीज़ का  ।
• समय पर आँखों का इलाज़ किसी बड़ी परेशानी या नज़र को हमेशा ख़राब होने से बचा सकता है ।

nobleexpress

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