36 हजार से अधिक शालाएं बंद, गरीब का बच्चा कहां पढ़ेगा ?  : कमलेश्वर पटेल

विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष की ओर से दमदार शुरुआत करते हुए विधायक एवं पूर्व मंत्री  कमलेश्वर पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का स्तुति गान सादगी एवं सज्जनता के धनी आदिवासी वर्ग के सम्मानीय महामहिम राज्यपाल से शिवराज सरकार ने जिस तरह अभिभाषण के माध्यम से असत्य बयानी प्रशस्ति पत्र प्रस्तुत कराया है यह एक सीधे-साधे महामहिम का अपमान करने का काम प्रदेश सरकार ने किया है ।Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
प्रदेश में पिछले 18 वर्षों से भाजपा की सरकार है 18 वर्षों में अभी तक सिर्फ क्लस्टर ही बनाए जा रहे हैं ?
कमलेश्वर पटेल ने कहा कि सच तो यह है कि जिन बातों का उल्लेख किया गया उनमें से कई बातें पूर्व में कई बार अभिभाषण में की जा चुकी हैं। सरकार को तार्किक मुद्दों के साथ घेरते हुए विधायक  पटेल ने कहा  कि मुख्यमंत्री ने रोजगार बढ़ाने के लिए 22 एमएसएमई क्लस्टर बनाने का जिक्र किया है, प्रदेश में पिछले 18 वर्षों से भाजपा की सरकार है 18 वर्षों में अभी तक सिर्फ क्लस्टर ही बनाए जा रहे हैं ?

प्रतिवर्ष इन्वेस्टर्स मीट के द्वारा जनता के धन की बर्बादी

भोपाल, इंदौर में जो आईटी पार्क बनाए गए हैं वहां कोई उद्योग नहीं दिखाई दे रहा है ? प्रदेश में वर्तमान में बेरोजगारी की दर सर्वाधिक है, प्रदेश की युवा शक्ति के पास कोई रोजगार नहीं है,भ्रष्टाचार के चलते उद्योगपति यहां उद्योग लगाना नहीं चाहते हैं !प्रतिवर्ष इन्वेस्टर्स मीट के द्वारा जनता के धन की बर्बादी की जा रही है। सरकार अभी तक यह बताने में असफल रही है कि कितने युवाओं को किस कंपनी में रोजगार दिलाया गया।
विधायक पटेल ने सवालों की बौछार करते हुए सरकार से जानना चाहा की उद्योगों के साथ जो एमओयू साइन हुआ वह क्रियान्वित क्यों नहीं हो पा रहा है ।
भाजपा की गलत नीतियों के कारण उद्योग बंद होने की कगार पर

कांग्रेस सरकार में माननीय स्वर्गीय  अर्जुन सिंह जी ने ग्वालियर में मालनपुर इंदौर में पीथमपुर, भोपाल में मंडीदीप,पीलूखेड़ी, गोविंदपुरा सिंगरौली में उर्जा धानी, एनसीएल एनटीपीसी से लेकर बहुत सारे उद्योग सतना में सीमेंट उद्योग,कटनी में चुना और माइनिंग उद्योग स्थापित करके प्रदेश को आगे ले जाने का काम किया और भाजपा इतने वर्षों में सरकार कोई ठोस उद्योग स्थापित नहीं कर पाई। कांग्रेस सरकार में जो उद्योग धंधे चल रहे थे वह भी भाजपा की गलत नीतियों के कारण बंद होने की कगार पर आ गए हैं । प्रदेश की बेरोजगारी का आलम यह है कि किसी भी विभाग में सरकारी नौकरी निकलने पर एक पद के लिए हजारों की संख्या में आवेदन आते हैं। बेरोजगार रोजगार की तलाश में रहता है,परीक्षा फॉर्म भरते समय फीस ली जाती है और परीक्षाएं कैंसिल कर दी जाती है। ऐसे में बेरोजगारों के साथ क्रूर मजाक भाजपा सरकार के द्वारा किया जा रहा है।
कृषि घाटे का सौदा बना

विधायक पटेल ने आगे कहा कि भाजपा पिछले 18 वर्षों से कृषि को लाभ का धंधा बनाने की बात करती रही है किंतु लाभ तो दूर अन्नदाता की लागत ही नहीं निकल रही है। टमाटर का लागत मूल्य नहीं मिलने पर किसान को टमाटर सड़कों पर फेंकना पड़ता है,लहसुन की लागत मूल्य नहीं निकलने पर नदियों एवं सड़कों पर फेंकना पड़ता है। हाल ही में प्याज का सही दाम नहीं मिलने पर ओने पौने दाम में किसानों को बेचना पड़ रहा है।यह सब सरकार की गलत नीतियों के कारण हो रहा है।  प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सिहावल विकासखंड में पहले 22 कृषि विस्तार अधिकारी के पद भरे हुए थे, लेकिन पिछले 18 वर्षों में मात्र दो पद ही भरे हुए हैं ऐसे में किसानों को क्या लाभ होगा ?

36 हजार से अधिक शालाएं बंद, गरीब का बच्चा कहां पढ़ेगा?
विधायक  पटेल ने शिक्षा के संबंध में बोलते हुए कहा कि शिक्षा जीवन के विकास की प्रथम सीढ़ी है, लेकिन बड़े दुर्भाग्य की बात है कि कांग्रेस सरकार ने शिक्षा का जो लोकव्यापीकरण कर विकेंद्रीकरण किया था । इसमें प्रत्येक एक किलोमीटर पर प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला खोली गई थी, 5 किलोमीटर पर हाई स्कूल एवं 7 किलोमीटर पर हाई सेकेंडरी स्कूल को खोला गया था। इससे शिक्षा का स्तर प्रदेश में बढ़ गया था किंतु भाजपा की सरकार ने इन स्कूलों को बंद करने का काम किया है गरीब का बच्चा कहां पढ़ेगा  ? प्रदेश में करीब 36 हजार से अधिक शालाएं बंद की जा चुकी हैं।
विधायक पटेल ने कड़े तेवर के साथ सरकार को घेरते हुए कहा कि आज प्रदेश में बुनियादी शिक्षा की स्थिति बदतर हो गई है अधिकांश स्कूल शून्य शिक्षक स्कूल की श्रेणी में है और अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही स्कूल चल रहे हैं। गरीबों के बच्चे,किसान मजदूर के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है, पूर्व में यूपीए सरकार के समय जो मॉडल स्कूल बनाए गए थे, उन्हें प्रदेश सरकार ने सीएम राइस स्कूल में तब्दील कर दिया है इससे और शिक्षा का अवमूल्यन हो रहा है क्योंकि नए शिक्षकों की भर्ती आधारभूत ढांचा स्कूल भवन तैयार ना करते हुए सीएम राइस स्कूल में अच्छे शिक्षकों को भेज दिया गया है जबकि शेष अन्य शासकीय संस्थाएं शिक्षक विहीन हो रही है वहां के बच्चे पढ़ना चाहते हैं उनका भविष्य खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
विनाश कर निकाल रहे हैं विकास यात्रा।

nobleexpress

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