नई दिल्ली। एनएचपीसी लिमिटेड (भारत सरकार की एक कंपनी) और विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (वीयूसीएल), नेपाल ने आज दिल्ली में फुकोट करनाली जलविद्युत परियोजना के विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। नेपाल की यह परियोजना 480 मेगावाट की है। नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ की उपस्थिति में इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एमओयू का आदान-प्रदान आर.के. विश्नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी और श्री सूर्य प्रसाद रीजाल, प्रबंध निदेशक, वीयूसीएल द्वारा किया गया। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया जाना विद्युत क्षेत्र में सहयोग के संबंध में भारत-नेपाल के संयुक्त विजन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
यह परियोजना विद्युत उत्पादन के लिए कर्णाली नदी के प्रवाह का उपयोग करेगी और इस परियोजना से उत्पादित ऊर्जा नेपाल की एकीकृत विद्युत प्रणाली में फीड की जाएगी। इस परियोजना की संस्थापित क्षमता लगभग 2448 जीडब्ल्यूएच के औसत वार्षिक विद्युत उत्पादन के साथ 480 मेगावाट होगी। 109 मीटर ऊंचा आरसीसी बांध और एक भूमिगत पावर हाउस है इस परियोजना की प्रमुख विशेषता है। पावर हाउस में प्रत्येक 79 मेगावाट की 06 टर्बाइन होगी। इसके अतिरिक्त, न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह का उपयोग करने के लिए 6 मेगावाट क्षमता का एक सरफेस पावर हाउस अर्थात प्रत्येक 3 मेगावाट की दो मशीनों को भी स्थापित करने की योजना है। इस परियोजना की परिकल्पना पीकिंग रन-ऑफ-रिवर (पीआरओआर) प्रकार की योजना के रूप में की गई है।
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