महाकालेश्वर मंदिर में खत्म हुई प्रोटोकॉल व्यवस्था, अब दर्शन करने पर देना होंगे 250 रुपए

मध्यप्रदेश के महाकालेश्वर मंदिर में प्रोटोकाल के तहत दर्शन करने वाले भक्तो को 1 फरवरी 2023 से 250रु का देना होगा। अब प्रोटोकॉल व्यवस्था में शासन के प्रोटोकॉल की श्रेणी में आने वाले अति विशिष्ट अतिथियों को ही निशुल्क दर्शन करने की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा सत्कार व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले दर्शनार्थियों से गजट प्रावधान के अनुसार 250 रुपए प्रति व्यक्ति भेंट राशि लेने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर समिति ने यह व्यवस्था 1 फरवरी से मंदिर में लागू करने कि सूचना भी जारी कर दी है।

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इसलिए प्रोटोकॉल व्यवस्था करनी पड़ी बंद

इस व्यवस्था के बाद भी देखा गया कि जो श्रद्धालु प्रोटोकॉल व्यवस्था में नहीं आते थे, उन्हें भी निशुल्क दर्शन कराए जा रहे थे। वहीं प्रोटोकॉल से दर्शन कराने के नाम पर पैसे लेने की शिकायत भी मिलने लगी थी। इस कारण मंदिर की व्यवस्थाएं बिगड़ रही थी। दूसरी परेशानी यह थी कि मंदिर में प्रोटोकॉल के तहत आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही थी, जिसके कारण सामान्य दर्शनार्थियों को भी दर्शन के दौरान असुविधा होती थी। मंदिर के अधिकारियों ने कई दिन तक इस व्यवस्था पर नजर रखने के बाद प्रोटोकॉल समाप्त करने के लिए मंदिर प्रबंध समिति में प्रस्ताव रखा था।

निशुल्क प्रवेश के लिए पात्रता

श्री महाकालेश्वर मंदिर में 1 फरवरी से लागू हो रही व्यवस्था में दर्शन के लिए आने वाले साधु, संत-महंत, महामंडलेश्वर, शंकराचार्य, पीठाधीश्वर, धर्माचार्य, प्रेस क्लब के सदस्य, अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार (स्वयं) सत्कार व्यवस्था के अंतर्गत निशुल्क शीघ्र दर्शन व्यवस्था से प्रवेश कर सकेंगे। इसके अलावा अति विशिष्ट व्यक्ति, जो शासन के प्रोटोकॉल श्रेणी में आते हैं, उन्हें भी निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त किसी भी माध्यम से कोई दर्शनार्थी प्रोटोकॉल के तहत दर्शन के लिए आते हैं, तो 250 रुपए प्रति व्यक्ति रसीद लेना अनिवार्य होगा।

सभी श्रद्धालुओं को दर्शन सुविधा मिल सकेगी

श्री महाकालेश्वर मंदिर में सभी तरह की प्रोटोकॉल व्यवस्था समाप्त करने के बाद केवल अति विशिष्ट लोगों को ही प्रोटोकॉल के दायरे में रखा गया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद माना जा रहा है कि प्रोटोकॉल से दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम होगी। वहीं सामान्य श्रद्धालुओं को दर्शन करने में सहजता रहेगी। हालांकि, यह व्यवस्था कितने दिन चल सकेगी यह समय अनुसार ही तय हो पाएगा।

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