नई दिल्ली । महाराष्ट्र में करीब सालभर पहले हुए सियासी उठापटक पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया। फैसले की सबसे बड़ी बात ये है कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बने रहेंगे लेकिन उनकी ये जीत उद्धव ठाकरे के इस्तीफे की वजह से हुई। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने मामला सात जजों की पीठ को सौंपने का फैसला किया है। इसी के साथ कोर्ट ने इस मामले में कई अहम टिप्पणियां की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि महाराष्ट्र के राज्यपाल का निर्णय भारत के संविधान के अनुसार नहीं था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पूरे घटनाक्रम को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल (Governor) की भूमिका पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल के पास विधानसभा में फ्लोर टेस्ट बुलाने के लिए कोई पुख्ता आधार नहीं था। फ्लोर टेस्ट को किसी पार्टी के आंतरिक विवाद को सुलझाने के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि राज्यपाल के पास ऐसा कोई संचार नहीं था जिससे यह संकेत मिले कि असंतुष्ट विधायक सरकार से समर्थन वापस लेना चाहते हैं। राज्यपाल ने शिवसेना के विधायकों के एक गुट के प्रस्ताव पर भरोसा करके यह निष्कर्ष निकाला कि उद्धव ठाकरे अधिकांश विधायकों का समर्थन खो चुके हैं।
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