मध्यप्रदेश

बीजेपी विधायक बोले: हम खुद शराब ठेकेदार, कैसे बंद कराएं दुकान

मुरैना। गांव में शराब ठेका बंद कराने की मांग को लेकर सोमवार को महिलाएं जौरा से बीजेपी विधायक सूबेदार सिंह रजौधा के पास पहुंचीं। विधायक ने महिलाओं से बातचीत में कहा की हम खुद शराब ठेकेदार हैं। बताओ कैसे बंद कराएं शराब। भाजपा विधायक का जवाब सुनकर भड़की महिलाओं ने भी सवाल दाग दिया- बताओ तुम्हे शराब का ठेका कितने में लिया और तुमको कितना मिलता है। इस बातचीत का वीडियो जमकर वाइरल हो रहा है।

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दरअसल, हुआ यूं कि कुछ महिलायें जौरा से लगभग एक किलोमीटर दूर सांकरा गांव में शराब ठेका बंद कराने की मांग को लेकर विधायक के पास पहुंचीं। महिलाओं से बातचीत के दौरान मुरैना के जौरा से भाजपा विधायक सूबेदार सिंह रजौधा ने कहा की हम खुद शराब ठेकेदार हैं। बताओ कैसे बंद कराएं शराब। हां शराब अवैध बिक रही होगी तो थानेदार को भेजकर बंद करा देंगे।

बीजेपी विधायक सूबेदार सिंह रजौधा का इसके पहले भी बिजली चोरी की सलाह का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वे इअपने क्षेत्र के लोगों का दरबार लगाए हुए थे और कहा था की तुम लोग बिजली चोरी करो। बिजली अधिकारियों को मैं देख लूंगा। इनके बेटे सूरज रजौधा पर करोड़ों के राशन घोटाले का आरोप है।

भड़की महिलाएं बोलीं तो हम क्या पागल हैं

जौरा के सांकरा गांव की महिलाएं गांव में खुली शराब की दुकान से परेशान हैं। उन्होंने अपने गांव में शराब की दुकान बंद करवाने की बहुत कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो वे जौरा से भाजपा विधायक सूबेदार सिंह रजौधा के पास अपनी मांग को लेकर पहुंचीं। विधायक से कहा कि गांव में शराब की दुकान बंद होनी चाहिए, लेकिन विधायक बोले कि वे कैसे बंद करवा सकते हैं, क्योंकि वे तो खुद शराब के ठेकेदार हैं।

विधायक के जवाब पर महिलाएं भड़क गईं और बोलीं तुम शराब के ठेकेदार हो, तो हम क्या पागल हैं, जो मारपीट खाएंगे और फिर बाद में तुम कहोगे कि महिलाएं मारपीट करेंगी। इस पर भाजपा विधायक बोले सही बात है। महिलाएं ने फिर कहा की गिलास दे रहे हैं, पानी दे रहे हैं और घर में बैठकर पिला रहे हैं, यह कैसा नियम है? महिलायें यही नहीं रुकी उन्होंने फिर कहा तुम ठेकेदार से कितने पैसे लेते हो शराब के ठेकेदारी के, कितने में ठेका हुआ है तुम्हारा शराब के ठेके का? जबाब में विधायक बोले हमारा तो जौरा में ठेका है, वहां नहीं है सांकरा में। महिलाएं ने फिर कहा, हम तो सांकरा की कह रहे हैं, जौरा में बिके, हमें मतलब नहीं, हमारे गांव में न बिके।

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