मध्य प्रदेश । भारत का सबसे बड़ा स्कूल एडटेक यूनिकॉर्न LEAD मध्य प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा परिणामों को बेहतर बनाते हुए छात्रों में आत्मविश्वास निर्माण कर रहा है। अपने अंतरराष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम, मल्टी मोडल पढ़ाने-पढ़ने की पद्धतियों तथा टेक्नोलॉजी आधारित सुविधाओं के माध्यम से LEAD का एनईपी अनुकूल इंटीग्रेटेड स्कूल एडटेक सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि छात्रों को सभी विषयों की गहराई से समझ और विशेषज्ञता प्राप्त हो सके। राज्य में LEAD से जुड़े स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के शिक्षा परिणामों में पिछले दो वर्षों के दौरान कोविड के कारण आई मुश्किलों के बावजूद 40% से अधिक सुधार देखने को मिला है। अब तक मध्य प्रदेश के लगभग 200+ स्कूल LEAD का इंटीग्रेटेड स्कूल एडटेक सिस्टम लागू कर चुके हैं, जिससे इनमें पढ़ने वाले 36,000 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं। इसके साथ ही, LEAD द्वारा मध्य प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाने वाले लगभग 1000 शिक्षकों को प्रशिक्षित एवं प्रमाणित भी किया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!LEAD के स्कूली समाधान पूरे भारत के 400+ शहरों में स्थित 9000 स्कूलों में उपलब्ध कराए जा चुके हैं। LEAD की मदद से स्कूल स्टूडेंट्स को जीवन में सफलता प्राप्त करने का आत्मविश्वास हासिल होता है और यह इन स्कूलों में सिखाई जाने वाली वाली भविष्य की महत्वपूर्ण लाइफ स्किल्स – कम्युनिकेशन, टीम के रूप में काम करना और गहराई से सोचना, से संभव हो पाता है।
LEAD के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमीत मेहता, का कहना है, “भारत में स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे हर दिन अपने स्कूल में 6-7 घंटे बिताते हैं। इसके बावजूद, सिर्फ भारत के महानगरों में महंगी फीस वाले
LEAD के बारे में बात करते हुए, रतलाम स्थित साई श्री इंटरनैशनल एकैडेमी की प्रिंसिपल डॉ. श्वेता विंचुरकर ने कहा कि, “साई श्री इंटरनैशनल एकैडेमी की शुरुआत 2012 में हुई थी और आज हमारा स्कूल मध्य प्रदेश के अग्रणी स्कूलों में से एक है। हमें एक इंटीग्रेटेड स्कूल सिस्टम की तलाश थी, जिसमें आधुनिक पाठ्यक्रम, रचनात्मकता एवं टेक्नोलॉजी का तालमेल मौजूद हो, ताकि हमारे छात्र-छात्राएं कॉन्फिडेंट बनें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें। LEAD हमारी इस ज़रूरत पर पूरी तरह खरा उतरा है।”
रतलाम के साई श्री इंटरनैशनल एकैडेमी की टीचर सुश्री ममता मेहता कहती हैं, “LEAD द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले पढ़ाने और पढ़ने के तरीके अपनाए जाने के बाद छात्रों में पढ़ने के लिए दिलचस्पी बढ़ गई है। पहले की तरह अब वो तनाव में नज़र नहीं आते। इसका पूरा श्रेय LEAD को ही जाता है, जिन्होंने सिर्फ परीक्षा पास करने के लिए पढ़ाने के सिलसिले को खत्म कर दिया। दरअसल, LEAD ने परीक्षाओं का डर ही मिटा दिया है, जो कि हमेशा बच्चों और उनके माता-पिता के तनाव का कारण बनती हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि, “ELGA टीचर के रूप में मुझे कुछ नया देखने को मिला जिससे मेरी सोच का दायरा बढ़ गया और मेरा अनुभव भी पहले से काफी बेहतर हो गया है। इसके अलावा, ELGA से यह सुनिश्चित होता है कि विद्यार्थी आसान तरीके से पढ़ सकें और सवालों के जवाब भी दे सकें।”
रतलाम के साई श्री इंटरनैशनल एकैडेमी में क्लास 5 की स्टूडेंट नव्या मालवीय के पैरेंट्स श्री रोहित मालवीय और श्रीमती हेमलता मालवीय ने बताया, “ LEAD के प्रोग्राम स्टूडेंट्स को एडवांस्ड और जटिल चीज़ें आसान तरीके से सीखने में मदद करते हैं। LEAD की ELGA टेक्नीक ना केवल विषयों की आसान समझ विकसित करती है बल्कि बच्चों में कल्पना शक्ति भी तैयार करती है, ताकि भाषाओं और विषयों के बारे में उनका विज़न स्पष्ट हो सके। हमें इस बात की खुशी है कि हमारी बच्ची ने कई सारी नई चीज़ें सीखी है और कई तरीकों से बेहतर करने में सक्षम बनी है। हमें उसकी पढ़ाई में काफी अधिक सुधार देखने मिला है।”
नई दिल्ली: हाल ही में देशभर के कई स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को एक "बेहद गंभीर चेतावनी"…
भोपाल। राजधानी भोपाल में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए रोज़…
भोपाल। शहर के नोबल मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा “गर्भ संस्कार : नोबल पहल” के अंतर्गत…
भोपाल: राजधानी भोपाल में 'हाउसिंग फॉर ऑल' (HFA) योजना के तहत अपना आशियाना खरीदने का…
नई दिल्ली/दुबई: मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव अब केवल ज़मीनी जंग तक…
रूस के उप-प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक के अनुसार, मध्य-पूर्व (Middle East) में जारी युद्ध की वजह…