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केदारनाथ कपाट खुलने के पहले ही दिन श्रद्धालु की मौत, चार दिन में 4 की गई जान

उतराखंड । केदारनाथ यात्रा पर आए चार तीर्थ यात्रियों की मौत हो गई है।  केदारनाथ यात्रा शुरू होने में अभी तीन दिन का समय हुआ है। जिसमें चार यात्रियों की मौत हो गई है। पैदल मार्ग पर तबियत बिगड़ने से जहां एक महिला की मौत हुई है। वहीं दो महिलाओं की केदारनाथ धाम में स्वास्थ्य खराब होने पर मौत हो गई. इसके अलावा एक तीर्थ यात्री की सोनप्रयाग में गहरी खाई में गिरने से मौत हुई है। मालूम हो कि केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को दर्शनार्थ खोले गए हैं।

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केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समय करीब-करीब 10 हजार तीर्थ यात्री मौजूद रहे। दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, यूपी सहित देश के विभिन्न राज्यों से तीर्थ यात्री धाम पर पहुंचे थे। आपको बता दें कि गंगोत्री-यमुनोत्री धामों के कपाट 22 अप्रैल को खुल गए थे। बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को खुलेंगे।

चार लोगों की हुई है मौत

प्राप्त जानकारी के अुनसार, केदारनाथ मंदिर परिसर में आज मंगलवार को एक तीर्थ यात्री की मौत हो गई। धाम में दर्शन करने को पहुंचे तीर्थ यात्री ने सांस लेने में दिक्कत की बात अपने परिजनों को बताई। इससे पहले कि परिजन तीर्थ यात्री को एंबुलेंस से अस्पताल या फिर नजदीकि स्वास्थ्य केंद्र ले जाते, तीर्थ यात्री की मौत हो गई। मृतक तीर्थ यात्री की पहचान बचराम भाई तेलिया (60)पुत्र खेम जी भाई हुई है। मृतक गुजरात से उत्तराखंड में चार धाम यात्रा पर आए थे।
22 अप्रैल से शुरू गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। लेकिन, चिंता की बात कि पिछले तीन दिनों में तीन तीर्थ यात्रियों की मौत हो गई थी। तीन में से दो तीर्थ यात्रियों की हार्ट अटैक से जान गई है। जबकि, एक तीर्थ यात्री की गिरगर जान चली गई थी।24 अप्रैल को सोमवार को मुरलीधर सुखदेव पाटिल पुत्र सुखदेव पाटिल निवासी साने गुरुजी कालोनी, पारोला, जिला जलगांव, महाराष्ट्र यमुनोत्री धाम में दर्शन को पहुंचे थे। जहां यमुनोत्री धाम के दर्शन करने के बाद जानकी चट्टी स्थित पार्क में उन्हें ठोकर लगी और वह जमीन पर गिए पड़े और उनकी मौत हो गई थी।

सिक्स सिग्मा कर रहा है यात्रियों की मदद

वहीं केदारनाथ कपाट खुलने के बाद से धाम में सेवाएं दे रही सिक्स सिग्मा हाई एल्टीट्यूड मेडिकल सर्विस टीम तीर्थयात्रियों की सेवा में जुटी है।   यह टीम दिन-रात श्रद्धालुओं का उपचार कर उनकी मदद कर रही है।   जहां स्वास्थ्य विभाग रुद्रप्रयाग की टीम का कहीं अता-पता नहीं है, वहीं सिक्स सिग्मा की टीम स्वयं यात्रियों के पास जाकर उनका हाल-चाल जान रही है, जिससे किसी भी तीर्थयात्री को समस्या होने पर त्वरित गति से चेकअप किया जा सके।

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