काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने एक मार्च से दैनिक आरती दर्शन ( Daily Arti Darshan Price ) का शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है। बढ़ाए गए शुल्क को लेकर अब मंदिर प्रशासन के साथ पीएम नरेंद्र मोदी भी विपक्षियों के निशाने पर आ गए हैं। कांग्रेस नेता अजय राय ने इसे धर्म के व्यवसायीकरण से जोड़ते हुए बड़ा हमला किया है। अजय राय ने कहा कि पीएम मोदी ने धाम का निर्माण कराया और सुविधाएं बढ़ाई ये अच्छी बात है, लेकिन काशी नगरी में शिवभक्तों से पैसा वसूलने के नए-नए तरीके इजाद किए जा रहे हैं। बहुत जल्द ही काशी के लोगों को समझ में आएगा कि उन लोगों ने धर्म के व्यापारी को चुना है, जो बाबा विश्वनाथ के नाम पर माथे पर त्रिपुंड लगाकर बस पैसा कमाने के स्रोत खोज रहा है। इसे काशी की जनता स्वीकार नहीं करेगी और आगमी चुनाव में इस बात का जवाब देगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नेता अजय राय ने साधा निशाना
दैनिक आरती का शुल्क बढ़ाने और स्पर्श दर्शन पर भी शुल्क लगाने की खबर के बीच कांग्रेस नेता अजय राय ने इस पर निशाना साधा है। अजय राय ने कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास से किसी को ऐतराज नहीं है, लेकिन ये काशी है और काशी में बाबा विश्वनाथ धाम के निर्माण के समय ही ये समझ आ गया था कि इस पूरे धाम का निर्माण सिर्फ धन कमाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। जिस काशी नगरी में बाबा के शिवभक्त बिना किसी शुल्क के पूरे काशी विश्वनाथ परिसर में मुफ्त में घूमते थे, आज उसका व्यवसायीकरण हो गया है। वहां अब फूड कोर्ट खुल गए हैं। मोक्ष की प्राप्ति के लिए काशी आने वाले लोगों से शुल्क लिया जा रहा है। अब स्पर्श दर्शन पर भी शुल्क लगाने की बात कही जा रही है। धर्म का व्यवसायीकरण अपने चरम पर काशी में पहुंच रहा है। बहुत जल्दी ही काशी के लोगों को समझ में आएगा की उन लोगों ने धर्म के व्यापारी को चुना है, जो बाबा विश्वनाथ के नाम पर बस धन उगाही में लगे हैं।
काशी धाम के नाम से मॉल की तर्ज पर पैसा वसूलने में सरकार लगी
अजय राय ने कहा की पीएम मोदी ने पहली बार जीतने के बाद कहा था कि उन्हे मां गंगा ने बुलाया है। काशी नगरी में बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन के लिए भी अब शुल्क लगाने की तैयारी मंदिर प्रशासन कर रहा है। बाबा विश्वनाथ की नगरी में शिवभक्तों और बाबा विश्वनाथ के बीच पैसा कमाने के लिए दैनिक आरती का शुल्क लगाया जा रहा है । बाबा की नगरी में बाबा विश्वनाथ की आरती और दर्शन पर कोई शुल्क नहीं लगना चाहिए। आय बढ़ाने के और भी रास्ते हो सकते हैं। पीएम मोदी ने धाम के नाम पर निर्माण किया था, लेकिन अब मॉल की तर्ज पर पैसा वसूलने में सरकार लगी है।
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