पंजाब में खालिस्तानी आंदोलन को फिर से भड़का रहा अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) ने बृहस्पतिवार को अपनी ताकत सरकार को दिखाई।अमृतपाल ने पंजाब के अजनाला में गुरुवार को खालिस्तानी समर्थक संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ ने खूब बवाल मचाया। दो साथियों की गिरफ्तारी पर संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने सैकड़ों समर्थकों के साथ तलवार, लाठी और डंडों के साथ पुलिस थाने पर हमला बोल दिया। बवाली पांच घंटे तक थाने पर कब्जा किए रहे। उपद्रव में छह पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। पुलिस अधिकारियों ने वारिस पंजाब दे संगठन के मुखिया अमृतपाल (Waris Punjab De Chief Amritpal Singh) के साथ मीटिंग की तो एक घंटे में अपने समर्थकों की रिहाई नहीं होने पर परिणाम भुगतने की खुली चुनौती दे दी। इसके बाद पंजाब सरकार बैकफुट पर आ गई और उसके साथी लवप्रीत उर्फ तूफान सिंह व अन्य समर्थकों को रिहा करने की घोषणा कर दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जानिए कौन है अमृतपाल सिंह
बता दें पंजाब के अमृतसर जिले में जल्लूपुर खेड़ा में साल 1993 में अमृतपाल सिंह का जन्म हुआ। 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद साल 2012 में अमृतपाल काम के सिलसिले में दुबई चला गया। दुबई में वह ट्रांसपोर्ट बिजनेस का काम करने लगा। पिछले साल फरवरी में दीप सिद्धू की मौत के बाद ‘वारिस पंजाब दे’ को संभालने के लिए अमृतपाल वापस पंजाब लौट आया। वह पंजाब के युवाओं को ड्रग्स के जाल से मुक्त करवाने के दावों के साथ युवाओं को अपने साथ जोड़ रहा है।
गृह मंत्री अमित शाह को भी धमकी दे चुका है अमृतपाल
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी धमकी दे चुका है। अमृतपाल ने रविवार को पंजाब के मोगा जिले के बुधसिंह वाला गांव में कहा था कि इंदिरा ने भी दबाने की कोशिश की थी, क्या हश्र हुआ? अब अमित शाह अपनी इच्छा पूरी कर के देख लें। अमृतपाल पंजाबी सिंगर दीप सिद्धू की बरसी में आया था।
https://twitter.com/MrSinha_/status/1627627102249054208?s=20
देश में सेक्युलर सरकार है तो ऐसे बयान देने वालों पर एक्शन क्यों नहीं लेते अमितशाह
अमित शाह ने कुछ दिन पहले कहा था कि पंजाब में खालिस्तान समर्थकों पर हमारी नजर है। अमृतपाल से शाह के बयान को लेकर सवाल किया गया था। इस पर अमृतपाल ने कहा, कि शाह को कह दो कि पंजाब का बच्चा–बच्चा खालिस्तान की बात करता है। जो करना है कर ले। हम अपना राज मांग रहे हैं, किसी दूसरे का नहीं। 500 साल से हमारे पूर्वजों ने इस धरती पर अपना खून बहाया है। कुर्बानी देने वाले इतने लोग हैं कि हम उंगलियों पर गिना नहीं सकते। इस धरती के दावेदार हम हैं। इस दावे से हमें कोई पीछे नहीं हटा सकता। न इंदिरा हटा सकी थी और न ही मोदी या अमित शाह हटा सकता है। दुनिया भर की फौजें आ जाएं, हम मरते मर जाएंगे, लेकिन अपना दावा नहीं छोड़ेंगे। उसने हिन्दू राष्ट्र की माँग करने वालों पर कार्रवाई की माँग भी की। कहा कि देश में सेक्युलर सरकार है तो ऐसे बयान देने वालों पर एक्शन क्यों नहीं लिया जाता। साथ ही खालिस्तान की माँग का विरोध करने वालों को चुनौती देते हुए कहा कि ‘जो करना है कर लें’।
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