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मन में कोई इनोवेटिव आयडिया आये, तो उसे रुकने मत दो, जमीन पर उतारो, हम आपके साथ : सीएम शिवराज

मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (MANIT) में चारदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) का शनिवार को शुभारंभ हुआ। मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केेंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डा. जितेंद्र सिंह नेे दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रदेश के विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा भी विशिष्‍ट अतिथि के रूप में उपस्थित हैं। इसके अलावा कार्यक्रम में देशभर से आए वैज्ञानिक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं भी उपस्थित हैं। राजधानी में पहली बार व्‍यापक स्तर पर विज्ञान महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश से आठ हजार विज्ञानी अपने शोध के साथ शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा देश-विदेश की 300 विज्ञानिक संस्थाएं भी इसमें शामिल हैं।

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कार्यक्रम के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि नवाचार, नए आविष्कार, वैज्ञानिक सोच भारत की संस्कृति, मिट्टी और जड़ों में है। आज से नहीं हजारों साल से भारत विज्ञान और प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में आगे है। वैज्ञानिक सोच का प्रकटीकरण प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारे देश के विज्ञानियों ने कोविड की वैक्‍सीन बनाकर दुनिया को चौंका दिया। जिज्ञासा ही वैज्ञानिक सोच को जन्म देती है। हमारा सारा ज्ञान, सारी योग्यताएं जिज्ञासा के बिना बेकार हैं। जिज्ञासा जानने की इच्छा हमेशा बनी रहनी चाहिए। जिद बनी रहनी चाहिए। जिज्ञासा और जिद इसी पर हमने मध्य प्रदेश की साइंस एंड टेक्नोलाजी की पालिसी बनाई है। सात हजार साल पहले भारत में पुष्पक विमान की कल्पना कर ली गई थी। हमारा विज्ञान सदियों वर्ष पुराना है। आधुनिक विज्ञान में सर्जरी का विज्ञान कुछ समय पहले शुरू हुआ इससे पहले सुश्रुत ने सर्जरी की शुरुआत कर दी थी। भारत का दृष्टिकोण हजारों साल पुराना है। समाज में वैज्ञानिक सोच का विकास करना, तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करना यह मप्र की विज्ञान नीति का उद्देश्य है।

उन्‍होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि यदि आपके मन में कोई इनोवेटिव आयडिया आये, तो उसे रुकने मत दो, उसे जमीन पर उतारो। आपके साथ हम और मध्यप्रदेश सरकार खड़ी है। स्टार्टअप नीति इस विचार का परिणाम है। स्टार्टअप नीति में हमने तय किया है कि एक करोड़ रुपये तक की हम सहायता देंगे। इंदौर में हम स्टार्टअप पार्क बना रहे हैं। जरूरत पड़ी तो भोपाल और ग्वालियर व जबलपुर में भी बनायेंगे। वेंचर कैपिटल फण्ड से भी हम पैसा लगायेंगे।

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