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Joshimath Landslide: केंद्र की 6 सदस्यीय टीम भू-धसाव का करेगी खुलासा

उत्तराखंड के जोशीमठ में लगातार भू धंसाव हो रहा है। ज्योर्तिमठ और नृसिंह धाम को भारी नुकसान हुआ। उत्तराखंड के जोशीमठ में तबाही का मंजर देख विशेषज्ञों की टीम भी हैरान रह गई।  यहां हर जगह दरारें देखने को मिल रही हैं।  अब एक मंदिर भी भू-धंसाव से क्षतिग्रस्त हो गया है। दर्जनों घरों और इमारतों की दीवारों, दरवाजों, फर्श, सड़कों पर दरारें दिख रही हैं।

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उत्तराखंड के जोशीमठ में लगातार हो रहे भू धंसाव से न सिर्फ राज्य सरकार, बल्कि केंद्र सरकार भी चिंतित नजर आ रही है। केंद्र सरकार ने जोशीमठ भू- धंसाव के रहस्य का पता लगाने के लिए 6 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो तीन दिन में अपनी रिपोर्ट केंद्र को सौंपेगी।  इस संबंध में शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने आदेश जारी किए हैं। वहीं, शुक्रवार 6 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी देहरादून में अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग की थी। उत्तराखंड के जोशीमठ में भू धंसाव के अध्ययन के लिए जल शक्ति मंत्रालय ने समिति गठित की है। ये समिति बारीकी से जोशीमठ का अध्ययन करेगी। बता दें कि जोशीमठ में लगातार दरारें चौड़ी होती जा रही हैं, जिससे लोग दहशत में हैं।

यहां 600 से ज्यादा घर खतरे की जद में हैं।  कल सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी बैठक में अधिकारियों को सबसे पहले प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। राज्य सरकार की टीम जोशीमठ में हालात का स्थलीय निरीक्षण कर रही है।  आज खुद उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ में प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद प्रभावित क्षेत्रों का जायजा भी लिया। सीएम धामी ने कहाकि, पानी के रिसाव से काफी घरों में दरारें आई हैं, हमारा प्रयास यही है कि सभी को सुरक्षित किया जाए, लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इसके कारणों का पता लगाया जा रहा है। जरूरी चीज़ें भी की जा रही हैं।

बीते कल हुए बैठक में सीएम धामी ने अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित स्थान पर एक बड़ा अस्थायी पुनर्वास केंद्र बनाने के निर्देश दिए ताकि जोशीमठ शहर के लोगों को वहां पर शिफ्ट कराया जा सके।  स्थायी पुनर्वास के लिए पीपलकोटी और गौचर समेत अन्य स्थानों पर सुरक्षित जगह तलाशने को भी कहा।  इसके अलावा सीएम धामी ने जोशीमठ में सेक्टर और जोनल वार योजना बनाने के निर्देश भी दिए और तत्काल डेंजर जोन को खाली करवाने को कहा, ताकि कोई  बड़ी अनहोनी घटना न हो सके।

Anand

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