मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेश्वर धाम (Kubereshwar Mahadev) पर हालात बेकाबू हो गए हैं। बढ़ती भीड़ के आगे प्रशासन ने भी घुटने टेक दिए हैं। बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं के लिए यहां छांव के इंतजाम नहीं किए गए हैं। 10-10 घंटे धूप में खड़े होने की वजह से लोग अब चक्कर खाकर बेहोश हो रहे हैं। करीब 2000 लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सहित जिला अस्पताल पर इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रुद्राक्ष लेने के लिए 2 KM लंबी कतार
सीहोर के कुबेश्वर धाम पर आज से सात दिवसीय शिव महापुराण कथा (Shiva Mahapuran Katha) व रुद्राक्ष महोत्सव (Rudraksh Mahotsav) के आयोजन की शुरुआत हुई है। कार्यक्रम के पहले ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) भी पंडित प्रदीप मिश्रा (Pandit Pradeep Mishra) का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। दरअसल महोत्सव शुरू होने के 1 दिन पहले यानी बुधवार को ही लाखों की तादाद में लोग कुबेरेश्वर धाम पहुंच गए थे। रुद्राक्ष पाने के लिए श्रद्धालुओं की 2-2 किलोमीटर की लंबी कतार लगी हुई थी। भीड़ को काबू करने के लिए बांस और बल्लियों से बने बैरिकेड लगे थे, जो लाखों की भीड़ को कंट्रोल नहीं कर सके और भगदड़ बज गई जिसमें महिलाएं और बुजुर्ग घायल हो गए और ज्यादातर लोग लाइन से बाहर आ गए।
बताया जा रहा है कि शाम 5:00 बजे तक प्राथमिक उपचार केंद्र में 2 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे, जिन्हें घबराहट उल्टी और चोट लगने की समस्या थी। बता दे रुद्राक्ष महोत्सव 16 फरवरी से शुरू होना है, लेकिन महोत्सव के 1 दिन पहले ही लाखों की तादाद में लोगों के जुटने से प्रशासन की सांसें फूल गई। प्रशासन ने रुद्राक्ष बांटने वाली समिति से कहा कि 1 दिन पहले रुद्राक्ष बांटना शुरू किया। तब जाकर भीड़ संभाली जा सकती है। इसलिए रुद्राक्ष का वितरण 1 दिन पहले शुरू कर दिया गया, लेकिन इतनी भीड़ को संभालने के लिए कुंबेरेश्वर धाम में बनाई गई व्यवस्था नाकाफी दिखी।आयोजन समिति का कहना है कि 15 सौ से ज्यादा पुलिसकर्मी और 10,000 से ज्यादा वॉलिंटियर्स व्यवस्था में लगे हुए।
जान से ज्यादा अधिक तो नहीं है रुद्राक्ष ,हमें तो नहीं चाहिए ऐसा रुद्राक्ष – श्रद्धालु
विट्ठलेश सेवा समिति उपचार केंद्र की ओर से बताया गया कि कई महिलाएं जख्मी होकर यहां पहुंची थी किसी के पैर में तार लगने से खून निकल रहा था तो किसी का पेड़ भीड़ से कुचल दिया गया था इन लोगों की ड्रेसिंग कर इन्हें जरूरी दवाई दी गई। महाराष्ट्र से आ एक श्रद्धालु मनोज सदावर्ते ने बताया कि यहां मैनेजमेंट नहीं है लाखों की भीड़ है खाना-पीना तक नहीं मिल रहा है। लोग एक दूसरे को कुचल रहे हैं। पुलिस प्रशासन भी कुछ नहीं कर रहा है। जान से ज्यादा अधिक तो नहीं है ना रुद्राक्ष। हमें तो नहीं चाहिए ऐसा रुद्राक्ष।
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