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मराठा आरक्षणआंदोलन हुआ हिंसक,आंदोलनकारियों ने एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंके के घर में लगाई आग

बीड: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन की आग भड़कती ही जा रही है। मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे आंदोलनकारी अब हिंसक हो गए हैं। उन्होंने बीड में एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंके के आवास पर तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी। लुच ही देर में आग पूरे घर में फैल गई और इसकी लपटें ऊंची उठने लगीं। वहीं इस आगजनी की घटना के बाद एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंके ने कहा कि जब हमला हुआ तब मैं अपने घर के अंदर था। सौभाग्य से, मेरे परिवार का कोई भी सदस्य या कर्मचारी घायल नहीं हुआ। हम सभी सुरक्षित हैं लेकिन एक आग के कारण संपत्ति का भारी नुकसान हुआ।Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

एनसीपी विधायक को क्यों बनाया निशाना?

दरअसल एनसीपी विधायक सोलंकी की एक ऑडियो क्लिप वायरल हो गई थी, जिसमें वह मराठा आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे को लेकर टिप्पणी कर रहे हैं. विधायक की टिप्पणी को लेकर आंदोलनकारी नाराज थे और उन्होंने विधायक के घर में आग लगा दी।

अजित पवार गुट के विधायक हैं प्रकाश सोलंकी

कहा जा रहा है कि आंदोलनकारियों ने जब विधायक के घर पर हमला किया, तब वहां पुलिस भी मौजूद थी. हालांकि अब इलाके में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है. प्रकाश सोलंकी अजित पवार गुट के विधायक हैं. वह बीड की माजल गांव विधानसभा सीट से विधायक हैं।

मराठाओं को अलग से दिया जाए आरक्षण- बीजेपी सांसद

वहीं इससे पहले शनिवार 28 अक्टूबर को तेली महासंघ के बैनर टेल हुई एक बैठक में भारतीय जनता पार्टी के सांसद ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को ओबीसी समुदाय के लिए मिले आरक्षण से अलग ही मराठाओं को आरक्षण देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज को यह डर सता रहा है कि कहीं मराठों को आरक्षण ओबीसी के कोटे से ना दे दिया जाए।

मराठा आरक्षण पर तेली समुदाय को डर

उन्होंने कहा, ‘जिसको जो आरक्षण है वो मिलना चाहिए। मराठा समाज को अलग से आरक्षण मिलना चाहिए।’ भारतीय जनता पार्टी के सांसद रामदास तडस तेली महासंघ के अध्यक्ष हैं। तेली समुदाय के नेताओं का कहना है कि ओबीसी समाज को जो आरक्षण दिया गया है, उस आरक्षण में से मराठों को आरक्षण न दिया जाए। सांसद रामदास तडस  ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कई बार अश्वासन दिया है कि मराठों को आरक्षण दिया जाएगा, लेकिन मनोज जरांगे पाटिल अनशन तोड़ने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसे लग रह है कि कोई पॉलिटिकल पार्टी उन्हें सपोर्ट कर रही है।

मनोज जरांगे पाटिल ने भी दी थी चेतावनी

वहीं इससे पहले वहीं मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने शनिवार 14 अक्टूबर को जालना जिले में एक रैली का आयोजन करते हुए शिंदे सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया था। इस रैली में उन्होंने ऐलान किया था कि 10 दिन बाद या तो विजय जुलूस निकलेगा या फिर मेरी अंतिम यात्रा निकलेगी। वहीं इसके बाद मुंबई में एक आंदोलनकर्ता ने आत्महत्या कर थी। पुलिस को उसके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था।

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