प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) ने सोमवार को भारत की द्विवार्षिक एयरोस्पेस प्रदर्शनी (aero show) ‘एयरो इंडिया’ (Aero India 2023) का उद्घाटन किया। ‘एयरो इंडिया’ में सैन्य विमानों, हेलीकाप्टरों, रक्षा उपकरणों और नये युग के एवियोनिक्स के निर्माण के लिए देश को एक उभरते हुए केंद्र के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक बेंगलुरु के बाहरी इलाके में वायुसेना के यालहंका सैन्य अड्डे के परिसर में पांच-दिवसीय इस प्रदर्शनी में 809 रक्षा कंपनियों के अलावा 98 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बेंगलुरु में येलहंका के वायु सेना स्टेशन में एयरो इंडिया 2023 के 14वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब 75 देशों को डिफेंस इक्विपमेंट एक्सपोर्ट कर रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा एक ऐसा क्षेत्र है, जिसकी तकनीक, मार्केट और सतर्कता को सबसे जटिल माना जाता है। हमारा लक्ष्य है 2024-25 तक इसके निर्यात के आंकड़े को डेढ़ बिलियन से बढ़ाकर 5 बिलियन डॉलर तक ले जाया जाए।
अधिकारियों ने कहा कि एयरो इंडिया में लगभग 250 बिजनेस-टू-बिजनेस समझौते होने की उम्मीद है, जिससे लगभग 75,000 करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि एयरो इंडिया के 14वें संस्करण का विषय ‘द रनवे टू ए बिलियन अपॉर्चुनिटीज’ है। इसका उद्देश्य एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में देश की क्षमताओं में वृद्धि को प्रदर्शित कर एक मजबूत और आत्मनिर्भर ‘नये भारत’ के उदय का प्रचार करना है.
इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न भारतीय और विदेशी रक्षा कंपनियों के बीच 75,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश वाले 251 एग्रीमेंटों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। येलहंका स्थित वायुसेना अड्डे में इस पांच दिवसीय एयरोस्पेस और रक्षा शो में एचएएल की ओर से 15 हेलीकॉप्टर की मदद से ‘आत्मनिर्भर फॉर्मेशन उड़ान’ का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर के सभी प्रकार, प्रचंड हल्के युद्धक हेलीकॉप्टर और हल्के यूटिलिटी हेलीकॉप्टर शामिल होंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ‘एयरो इंडिया- 2023’ देश की विनिर्माण क्षमता और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिकल्पित ‘आत्मनिर्भर भारत’ को साकार करने की दिशा में हुई प्रगति का उल्लेख करेगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन एयरोस्पेस और विमानन क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
एयरो इंडिया कार्यक्रम में 98 देशों के प्रतिभागियों, 32 देशों के रक्षा मंत्रियों और 29 देशों के वायुसेना प्रमुखों और वैश्विक और भारतीय मूल के उपकरण निर्माताओं की ओर से 73 मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के भाग ले रहे है। इसमें 809 रक्षा कंपनियों और स्टार्टअप तकनीकी में तरक्की और विमानन और रक्षा क्षेत्रों में विकास का प्रदर्शन किया जाएगा।
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