स्मार्ट सिटी पार्क अब वॉटर विजन पार्क होगा – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भोपाल में जल सम्मेलन में आए केंद्रीय मंत्रियों, राज्यों के मंत्रियों और अन्य प्रतिभागियों द्वारा आज श्यामला हिल्स स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में किया गया पौध-रोपण वॉटर विजन@2047 (जल सम्मेलन) की स्मृति को बनाए रखने का प्रयास है। इस संकल्प की सिद्धि के लिए अब इस पार्क का नाम ‘वाटर विजन पार्क’ किया जाएगा। आज कचनार, हरसिंगार और आम के साथ ही अन्य कई प्रजातियों के पौधे लगाए गए। यह पार्क और आज का पौध-रोपण नागरिकों को पर्यावरण की रक्षा के लिए कार्य करने की प्रेरणा देगा। मध्यप्रदेश में वृक्ष-वीर और वृक्ष-वीरांगना पुरस्कार भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री  चौहान ने कलेक्टर भोपाल को इस उद्यान में आज पौध-रोपण में शामिल हुए जल सम्मेलन के प्रतिभागी केन्द्रीय मंत्रियों और राज्यों के मंत्रियों के उल्लेख के साथ जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

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केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के वर्ष 2047 के विकसित भारत के संकल्प के अंतर्गत देश में पहली बार पानी के लिए काम करने वाले जन-प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों का सम्मेलन भोपाल में हुआ। सम्मेलन में आए प्रतिनिधि आज मुख्यमंत्री चौहान की प्रतिदिन पौधा लगाने की अनूठी पहल से जुड़ कर पौधा लगा रहे हैं। जल सम्मेलन में पानी की निर्बाध आपूर्ति हो, इस बारे में गहन मंत्रणा हुई है। सम्मेलन में जमीन, जलवायु, जंगल और जल के संरक्षण के लिए सभी एकजुट हों। इन प्राकृतिक संसाधनों को परिपुष्ट कर आने वाली पीढ़ी को संतुलित जीवन देने के संबंध में विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह  चौहान का प्रतिदिन पौधे लगाने का कार्य अभिनंदन योग्य है। आज भोपाल के जल सम्मेलन के प्रतिभागियों को पौधा लगाने का अवसर मिला। यह अपनी तरह का पहला सम्मेलन था, जिसकी स्मृति को ताजा बनाए रखने के लिए यह उद्यान स्मृति वन के रूप में पहचान बनाकर हमें भी सम्मेलन की याद दिलाएगा।

आज के पौध-रोपण में केन्द्रीय जलशक्ति और खाद्य प्र-संस्करण उद्योग राज्य मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री  बृजेन्द्र सिंह यादव के अलावा राज्यों के जिन मंत्रीगण ने पौधे लगाए उनमें सर्व श्री मिथलेश कुमार ठाकुर झारखंड, पीयूष हजारिका असम, स्वतंत्र देव सिंह उत्तर प्रदेश, कुंवर जी भाई भावलिया और मुकेश पटेल गुजरात, सुभाष ए. शिरोड़कर गोवा, हरजीत सिंह बैंस पंजाब, अवांगबो नेवमाई मणिपुर शामिल थे। इसके अलावा कर्नाटक के सचिव  मृत्युंजयन स्वामी ने भी पौधे लगाए।

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