मध्यप्रदेश

PWD मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा- संघर्ष की कोख से पैदा हुए हैं इस्तीफे का सवाल ही नहीं

भोपाल। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव (Gopal Bhargava) ने इस्तीफे के सवाल पर कहा कि हम संघर्ष की कोख से पैदा हुए हैं, इस्तीफे की कोई बात ही नहीं है। भार्गव ने कहा कि हम इस्तीफे लेने वाले हैं, देने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में शामिल है इसलिए इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। जब उस दौर में संघर्ष में पीछे नहीं हटे तो अब क्यों हटेंगे?

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

सागर जिले की कोर कमेटी और जनप्रतिनिधियों के साथ सीएम शिवराज सिंह चौहान व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ मुलाकात के मामले में और मीडिया में चल रही इस्तीफे की खबरें को लेकर मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज, प्रदेश अध्यक्ष शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से अलग-अलग मुलाकात जरूर हुई है, लेकिन इनमें सागर जिले के विकास और समस्याओं के अलावा कोई और मुद्दा नहीं था। न ही किसी के भी बारे में कोई शिकायत की गई है। भार्गव ने कहा क्योंकि जिला कोर कमेटी को बुलाया गया था और कुछ जानकारी चाही गई थी, इसलिए सभी से मुलाकात के दौरान जिले के विकास और अन्य कठिनाइयों की चर्चा सीएम और संगठन से की गई।

सिर्फ विकास के मुद्दों पर हुई चर्चा

इस मामले पर सागर बीजेपी के जिला अध्यक्ष गौरव सिरोठिया का कहना है कि सागर की जिला कोर कमेटी को बुलाया गया था, तो इस बैठक में संगठन के कामकाज और अन्य विकास के मामले में चर्चा हुई। जैसा बताया जा रहा है वैसे किसी मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की गई। इस बैठक के लिए जिले के सभी जनप्रतिनिधि साथ पहुंचे थे। इसी मामले में विधायक शैलेंद्र जैन और प्रदीप लहरिया से भी चर्चा करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।

मंत्री भूपेंद्र भोपाल में तो कोर कमेटी के साथ क्यों नहीं ?

इस पूरे मामले में मंत्री भूपेंद्र सिंह को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सागर जिले से मंत्री भूपेंद्र सिंह कल भोपाल में थे वे पहले अवैध कॉलोनी को वैध करने के कार्यक्रम में और बाद में कैबिनेट की बैठक में भी सीएम शिवराज और अन्य मंत्री के साथ थे, तो सागर जिले के जनप्रतिनिधियों की बैठक में क्यों नहीं पहुंचे ? जबकि सागर जिले की कोर कमेटी में वे भी शामिल है। इसलिए अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी और भोपाल में होने के बाद भी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के साथ हुई बैठक में मंत्री भूपेंद्र सिंह की न मौजूदगी सवाल खड़े कर रही है।

 

nobleexpress

Recent Posts

भारत सरकार ने सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का किया परीक्षण: घबराने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली: हाल ही में देशभर के कई स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को एक "बेहद गंभीर चेतावनी"…

5 days ago

भोपाल के मेधावी विद्यार्थियों से मिले मंत्री विश्वास सारंग उज्ज्वल भविष्य के लिए किया प्रेरित

भोपाल।  राजधानी भोपाल में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए रोज़…

1 week ago

गर्भावस्था केवल शारीरिक बदलाव नहीं, भावनाओं की भी एक नई यात्रा है: नोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में ‘गर्भ संस्कार’ सत्र आयोजित

भोपाल। शहर के नोबल मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा “गर्भ संस्कार : नोबल पहल” के अंतर्गत…

1 week ago

मिडिल ईस्ट संकट: क्या बंद हो जाएंगे Google, WhatsApp और Gmail? जानें भारत पर इसका असर

नई दिल्ली/दुबई: मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव अब केवल ज़मीनी जंग तक…

1 month ago

रूस ने क्यों लगाया 1 अप्रैल से गैसोलीन एक्सपोर्ट पर बैन?

रूस के उप-प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक के अनुसार, मध्य-पूर्व (Middle East) में जारी युद्ध की वजह…

1 month ago