पांच महीने की मैराथन के बाद आखिराकर जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के बहुचर्तित अभियान भारत जोड़ो यात्रा का समापन हो गया है। कांग्रेस ने शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम (Sher-I-Kashmir Cricket Stadium) में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के समापन के अवसर पर एक मेगा रैली का आयोजन किया है। इस दौरान कांग्रेस के तमाम छोटे-बड़े नेता घाटी पहुंचे हैं। साथ ही विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने भी शिरकत की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हर हिंदुस्तानी चाहता है एकता : प्रियंका
भारत जोड़ो यात्रा के समापन के दौरान प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि, देश का हर व्यक्ति या कहें हिंदुस्तानी देश में एकता चाहता है। भारत जोड़ो यात्रा ने लोगों को जोड़ने का काम किया है। इस यात्रा देश में नफरत को खत्म कर आपस में जुड़ने का संदेश दिया. प्रियंका ने कहा कि पूरे देश से भारत जोड़ो यात्रा को जबरदस्त समर्थन मिला है।
प्रियंका ने कहा, जब मेरा भाई कश्मीर आ रहा था, तो उसने मेरी मां और मुझे एक संदेश भेजा। उसने कहा कि उसे घर जाने का एक अनूठा एहसास है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सदस्य उनका इंतजार कर रहे हैं। वे आते हैं और आंखों में आंसू लिए उन्हें गले लगाते हैं और उनका दर्द और भावनाएं उनके अपने दिल में प्रवेश कर रही हैं।
यात्रा मैंने बहुत कुछ सीखा : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने बहुत कुछ सीखा, एक दिन मुझे बहुत दर्द हो रहा था। मैंने सोचा कि मुझे 6-7 घंटे और चलना होगा और यह मुश्किल होगा। लेकिन एक युवती दौड़ती हुई मेरे पास आई और बोली कि उसने मेरे लिए कुछ लिखा है। उसने मुझे गले लगाया और भाग गई.उसने लिखा, “मैं देख सकती हूं कि आपके घुटने में दर्द हो रही है क्योंकि जब आप उस पैर पर दबाव डालते हैं, तो यह आपके चेहरे पर दिखता है। मैं आपके साथ नहीं चल सकती लेकिन मैं दिल से आपके साथ चल रही हूं क्योंकि मुझे पता है कि आप चल रहे हैं।” मेरे और मेरे भविष्य के लिए. ठीक उसी क्षण, मेरा दर्द गायब हो गया।” राहुल गांधी ने आगे कहा कि जब मैं कन्याकुमारी से आगे बढ़ रहा था तब मुझे ठंड लग रही थी। मैंने कुछ गरीब बच्चे देखे , उन्हें ठंड लग रही थी, वे मजदूरी कर रहे थे और कांप रहे थे। मैंने सोचा ठंड में ये बच्चे स्वेटर-जैकेट नहीं पहन पा रहे हैं तो मुझे भी नहीं पहनना चाहिए।
राहुल ने कहा, यहां जो सेना के लोग, सीआरपीएफ के लोग काम करते हैं, उनसे मैं कुछ कहना चाहता हूं। मैं कश्मीर के सभी लोगों से कहना चाहता हूं। जवानों के परिवारों से कहना चाहता हूं कि मैं हिंसा को समझता हूं, मैं हिंसा सही है, मैंने हिंसा देखी है। जो हिंसा नहीं सहता, जिसने हिंसा नहीं देखी। उन्हें ये बात समझ नहीं आएगी, जैसे मोदी हैं, अमित शाह हैं, संघ के लोग हैं, उन्होंने हिंसा नहीं देखी, न हिंसा सही, मैं गारंटी देकर कहता हूं कि जैसे मैं चार दिन चला, बीजेपी के नेता ऐसे नहीं चल सकते क्योंकि ये लोग डरते हैं। भाजपा का कोई नेता यहां पैदल ऐसे नहीं चल सकता इसलिए नहीं कि जम्मू कश्मीर के लोग उन्हें चलने नहीं देंगे बल्कि इसलिए क्योंकि वो डरते हैं।
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