Categories: भोपाल

शरद यादव का पार्थिव शरीर उनके पैृतक गांव आंखमऊ पहुुंचा, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की पार्थिव देह शनिवार को भोपाल स्टेट हैंगर पहुंच गया । 11 बजे विशेष विमान से शरद यादव की पार्थिव शरीर को लाया गया । स्टेट हैंगर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, एवं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर सभी ने शरद यादव के परिजनों को सभी नेताओं ने सांत्वना दी।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

पार्थिव शरीर के भोपाल पहुंचने से पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज एयरपोर्ट पहुंच गए थे। श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने कहा कि शरद यादव उनके पड़ोसी थे। शरद यादव का गांव नर्मदा के उस पार था और मेरा इस पार। शरद जी समाजवादी धड़े के सबसे बड़े नेताओं में शामिल थे। उन्होंने पूरे जीवन गरीबों के हक के लिए संघर्ष किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शरद यादव का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

दिग्विजय सिंह के साथ उनकी पुत्र पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह एवं कांग्रेस के जिला अध्यक्ष कैलाश मिश्रा भी स्टेट हैंगर पर पहुंच गए थे । दिग्विजय सिंह ने कहा कि शरद यादव जी मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के प्रखर समाजवादी नेता रहे हैं और बिना पद की लालसा के उन्होंने किसानों और मजदूरों की लड़ाई लड़ी। हमारे उनके अच्छे पारिवारिक संबंध रहे। मैं आज इस अवसर पर उनके परिवार को संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

शरद यादव का निधन गुरुवार को गुरुग्राम में हुआ था। वे 75 साल के थे। उनका जन्म जुलाई 1947 में आंखमऊ गांव में हुआ था। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर जबलपुर से शुरू किया था। साल 1974 में वे जबलपुर से पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए थे। 1977 में वे दूसरी बार जबलपुर से सांसद बने थे। हालांकि, 1980 के चुनाव में हार के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार को अपना कर्मक्षेत्र बना लिया। वे बदायूं और मधेपुरा से भी सांसद रहे। वे देश के इकलौते ऐसे नेता थे जो तीन राज्यों से लोकसभा के लिए चुने गए थे।

भोपाल से माखन नगर लाया गया

श्रद्धांजलि सभा के बाद भोपाल से शरद यादव की पार्थिक देव माखन नगर (आंखमऊ) नर्मदापुरम के लिए रवाना हो गया था। उनके माखन नगर के आंखमऊ गांव में लाया गया । पार्थिक शरीर के साथ ही प्रहलाद पटेल, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी सहित अन्य नेता मौजूद हैं।

Anand

Recent Posts

भारत सरकार ने सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का किया परीक्षण: घबराने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली: हाल ही में देशभर के कई स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को एक "बेहद गंभीर चेतावनी"…

2 months ago

भोपाल के मेधावी विद्यार्थियों से मिले मंत्री विश्वास सारंग उज्ज्वल भविष्य के लिए किया प्रेरित

भोपाल।  राजधानी भोपाल में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए रोज़…

2 months ago

गर्भावस्था केवल शारीरिक बदलाव नहीं, भावनाओं की भी एक नई यात्रा है: नोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में ‘गर्भ संस्कार’ सत्र आयोजित

भोपाल। शहर के नोबल मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा “गर्भ संस्कार : नोबल पहल” के अंतर्गत…

2 months ago

मिडिल ईस्ट संकट: क्या बंद हो जाएंगे Google, WhatsApp और Gmail? जानें भारत पर इसका असर

नई दिल्ली/दुबई: मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव अब केवल ज़मीनी जंग तक…

3 months ago

रूस ने क्यों लगाया 1 अप्रैल से गैसोलीन एक्सपोर्ट पर बैन?

रूस के उप-प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक के अनुसार, मध्य-पूर्व (Middle East) में जारी युद्ध की वजह…

3 months ago