नगरीय निकायों के जन-प्रतिनिधियों के मानदेय और भत्ते होंगे दोगुना : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जन-प्रतिनिधि, जनता की सेवा कर जनता का सम्मान अर्जित करें। प्रदेश के सभी जिलों से आए नगरीय निकायों के नव-निर्वाचित जन-प्रतिनिधियों के एक दिवसीय प्रशिक्षण-सत्र में मुख्यमंत्री  चौहान ने अपने दीर्घकालीन अनुभव के आधार पर सार्वजनिक जीवन में सफलता के टिप्स दिये। उन्होंने कहा कि विनम्र तथा अहंकाररहित रहते हुए उत्साह से निरंतर सक्रिय रहना आवश्यक है। जन-सामान्य की जन-प्रतिनिधियों से बहुत अपेक्षाएँ हैं। अत: धैर्य रखते हुए लोगों की समस्याएँ सुनना और उनके समाधान की हरसंभव कोशिश करना और जनता से संवाद में बने रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने नगरीय निकायों के महापौर, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभापति और पार्षद का मानदेय एवं भत्ता दोगुना करने की घोषणा की।

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मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएँ

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि नगरीय निकायों के जन-प्रतिनिधियों के मानदेय और भत्ते में दोगुने की वृद्धि की गई है। दस लाख से अधिक जनसंख्या के नगर पालिक निगमों में वर्तमान में महापौर को मानदेय 11 हजार, सत्कार भत्ता 2500, अध्यक्ष को मानदेय 9 हजार, सत्कार भत्ता 1400 और पार्षदों को मानदेय प्रतिमाह 6 हजार रूपये मिल रहा है। दस लाख से कम जनसंख्या वाले नगर पालिक निगमों के महापौर का मानदेय 11 हजार, सत्कार भत्ता 2500, अध्यक्ष को मानदेय 9 हजार, सत्कार भत्ता 1400 और पार्षद को 6 हजार रूपये मानदेय मिल रहा है।

नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष का मानदेय 3 हजार रूपये सत्कार भत्ता 1800, उपाध्यक्ष का मानदेय 2400, सत्कार भत्ता 800 और पार्षद को मानदेय 1800 रूपये मिल रहा है। नगर परिषद में अध्यक्ष को मानदेय 2400 रूपये, सत्कार भत्ता 1100, उपाध्यक्ष को मानदेय 2100, सत्कार भत्ता 800 और पार्षद को 1400 रूपये मासिक मानदेय वर्तमान में मिलता है। इन सभी के मानदेय और भत्तों में दोगुना की वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों की सड़कों के पुर्ननिर्माण के लिये 770 करोड़ रूपये दिये जाएंगे। नगरीय निकायों में मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के रिक्त पदों पर सशक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी की पद-स्थापना की जाएगी। सफाई कर्मचारियों के लिये समूह बीमा योजना में दुर्घटना जनित मृत्यु पर अब 2 लाख के स्थान पर अब 5 लाख रूपये मिलेंगे। भवन विहीन नव गठित 35 नगरीय निकायों को 1-1 करोड़ रूपये की राशि भवन निर्माण के लिये दी जाएगी। इन्हें अधोसंरचना विकास के लिये भी 80-80 लाख रूपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री अन्त्योदय दीनदयाल रसोई योजना सभी शहरों में शुरू की जाएगी। अमृत योजना में 12 हजार 800 करोड़ रूपये शहरों में हर घर जल की उपलब्धता और स्वीकृत सीवरेज परियोजनाओं के लिये शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन में 14 शहरों में रोप-वे का निर्माण किया जाएगा। इनमें उज्जैन नगर भी शामिल है, जहाँ यात्री ट्रेन द्वारा रेलवे स्टेशन पहुँचने के बाद आकाश मार्ग से सीधे श्री महाकाल महालोक तक पहुँच सकेंगे। नगरों में सड़कों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए यातायात के लिए नए विकल्प अपनाए जाएंगे।

उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रोत्साहन अनुदान

मुख्यमंत्री  चौहान नेराजस्व संग्रहण एवं स्वच्छता में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले नगरीय निकायों को प्रोत्साहन अनुदान और सम्मान प्रदान किए। उन्होंने उल्लेखनीय राजस्व संग्रहण पर एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरीय निकाय नर्मदापुरम् को 30 लाख रूपये, मंदसौर को 20 लाख और विदिशा को 15 लाख रूपये का प्रोत्साहन अनुदान दिया। एक लाख से कम जनसंख्या के नगरीय निकाय राघोगढ़ को 30 लाख शाजापुर को 20 लाख और मैहर को 15 लाख रूपये का प्रोत्साहन अनुदान दिया गया।

इसी तरह 25 हजार से अधिक जनसंख्या के नगरीय निकाय महूगांव को 15 लाख 50 हजार, राऊ को 10 लाख और धामनोद, शामगढ़ और मनासा को 5-5 लाख रूपये दिये गये। 25 हजार से कम जनसंख्या के नगरीय निकाय उचेरा को 15 लाख 50 हजार रूपये, बड़कूही को 10 लाख और विरसिंहपुर, खजुराहो तथा बड़ामलहरा को 5-5 लाख रूपये का प्रोत्साहन अनुदान दिया गया।

मुख्यमंत्री चौहान ने राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड प्राप्त करने वाले नगरीय निकाय इंदौर, भोपाल, उज्जैन, छिन्दवाड़ा, मुंगावली, खुरई, खजुराहो, महू केंट, औबेदुल्लागंज, फूपकलां, पेटलावद, बड़ौनी, भिण्ड, बीना, इटावा, मलाजखण्ड, लवकुश नगर, बुधनी और तेंदूखेड़ा को सम्मानित किया।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि संवेदनशीलता और समस्या निवारण में मुख्यमंत्री ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि 372 निकायों के 6924 वार्डों में से चुनकर आये 1761 पार्षद 35 वर्ष से कम आयु के है। युवा जोश जब जनसेवा में जुटेगा तो प्रदेश के विकास की गति तेजी से बढ़ेगी। मुख्यमंत्री  चौहान ने देश में पहली बार मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय एवं पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। उन्होंने बताया कि 393 निकायों में 7321 वार्डों में से 3452 पार्षद अन्य पिछड़ा वर्ग से है।

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