भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और गूगल के बीच की लड़ाई अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। गूगल ने सीसीआई के फैसले के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी, जोकि 4 जनवरी यानी मंजूर कर ली गई है।
सर्च इंजन गूगल की मनमानी पर लगे जुर्माने को लेकर नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने निर्देश जारी किए हैं। ट्रिब्यूनल ने निष्पक्ष व्यापार नियामक सीसीआई (सीसीआई) द्वारा गूगल पर लगाए गए 1337.76 करोड़ रुपये के जुर्माने का 10 प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया है। साथ ही दंड पर रोक न लगाते हुए ट्रिब्यूनल ने सीसीआई को नोटिस जारी कर अंतरिम रोक पर सुनवाई के लिए मामले को 13 फरवरी को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
सीसीआई ने आरोप लगाया था कि गूगल अपने प्ले स्टोर पॉलिसी के तहत एप डेवलपर्स को भुगतान के लिए गूगल प्ले बिलिंग सिस्टम का उपयोग करने पर बाध्य करता है। साथ ही यह बिलिंग के किसी अन्य माध्यम या लिंक को डालने की इजाजत तक नहीं देता है।
इसके खिलाफ गूगल ने एक याचिका दायर की थी जिसमें कंपनी पर सीसीआई के आदेश को चुनौती दी गई थी। गूगल ने अपनी याचिका में कहा है कि सीसीआई का फैसला भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए एक झटका है और इस तरह यह उपकरणों को और अधिक महंगा कर देगा। गूगल ने आरोप लगाया कि महानिदेशक (डीजी) के पास विदेशी अधिकारियों के फैसलों के पैराग्राफ कॉपी-पेस्ट हैं। गूगल ने अपनी याचिका में जुर्माने पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी जिसे अपीलेट ट्रिब्यूनल ने खारिज कर दिया है। गूगल ने कहा था कि एंड्रॉयड ने भारतीय उपयोगकर्ताओं डेवलपर्स और मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) को बहुत लाभ पहुंचाया है और भारत के डिजिटल बदलाव को दिशा दी है।
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